ये कैसी गंगा स्वच्छता, सती व राजघाट पर गंदगी का अंबार, लोगों में नाराजगी

हरिद्वार। गंगा सफाई की दुहाई देने वाली सरकार व सामाजिक संगठनों को कनखल स्थित सतीघाट व राजघाट पर पसरी गंदगी आईना दिखाने के लिए काफी है। गंदगी का आलम यह है कि घाटों पर चारों ओर गंदगी के ढ़ेर लगे हुए हैं। इसमें कुछ आस्थावान लोग भी अपना सहयोग जगह-जगह घाटों पर पक्षियों आदि के लिए खाद्य सामग्री डालकर करने में महती भूमिका निभा रहे हैं।


बता दें कि सतीघाट वह स्थान है जहां देश-विदेश से लोग अपने मृतक परिजनों के अस्थि अवशेष लेकर यहां गंगा में विसर्जित करने के लिए आते हैं। यहां चारों ओर घाटों पर फैली गंदगी देखकर उनकी आस्था को जहां ठेस पहुंचती है वहीं धर्मनगरी में गंगा स्वच्छता का संदेश में गलत जाता है। आलम यह है कि गंदगी के ढ़ेर से उठती बदबू के कारण आम आदमी का गंगा में स्नान करना भी दूभर है।
मजेदार बात यह कि सप्ताह के प्रत्येक रविवार को श्री गंगा सभा द्वारा चलाए जा रहे गंगा घाट सफाई अभियान के तहत कनखल सतीघाट पर विगत रविवार को सफाई अभियान चलाया गया, किन्तु गंदगी का आलम घाटों पर जस का तस बना हुआ है।


इस संबंध में श्री गंगा सभा के पूर्व महामंत्री रामकुमार मिश्रा का कहना है कि सतीघाट सनातन धर्मावलम्बियों की आस्था का विश्व प्रसिद्ध केन्द्र है, जहां प्रतिदिन देश-विदेश से सैंकड़ों की संख्या में मृतकों के परिजन अस्थि प्रवाह के लिए आते हैं। इसके लिए सिंचाई विभाग, नमामि गंगे व अनेक धार्मिक संस्थाओं की उपेक्षा विचारणीय है। गंगा घाटों पर पसरी गंदगी के कारण लोगों में नाराजगी है।

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