कनेक्शन काटने के दौरान बिजली कर्मियों को जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल

लक्सर में बढ़ते हमलों से विभागीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल
विनोद धीमान
हरिद्वार।
बिजली बिल वसूली और बकायादारों के कनेक्शन काटने गई विद्युत विभाग की टीम के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा खुद सवालों के घेरे में आ गई है।


ताजा मामला लक्सर क्षेत्र के खड़ंजा कुतुबपुर गांव का है। यहां बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए लगाए गए कैंप में विद्युत विभाग की टीम एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों पर कार्रवाई करते हुए उनके कनेक्शन काट रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज की और खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली।

यहां भी बहादरपुर जैसा हाल कर देंगे, वायरल वीडियो से हड़कंप
इस सनसनीखेज घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग विभागीय कर्मियों को धमकाते हुए कहते सुने जा रहे हैं कि “यहां भी बहादरपुर जैसा हाल कर देंगे।”
इस बयान ने बिजली कर्मियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पथरी थाना क्षेत्र में बिजली विभाग की टीम के साथ मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। वहीं बसेड़ी गांव में भी विभागीय कर्मचारियों से हाथापाई का मामला दर्ज हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्पष्ट है कि वैधानिक सरकारी कार्यों में लगे कर्मचारियों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

खड़ंजा कुतुबपुर की घटना को लेकर लक्सर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता देवेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की तहरीर कोतवाली पुलिस को सौंप दी गई है। वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में लेते हुए आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है कि क्या बिजली कर्मियों को अपने कर्तव्य निभाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मिलेगी, या ऐसे वायरल वीडियो चेतावनी बनकर ही रह जाएंगे? यह मामला सिर्फ धमकी या अभद्रता का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।

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