हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय से बीते शाम एक सात वर्षीय बच्चे के अपहरण की सूचना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े बच्चे के अपहरण की सूचना पर दौड़ी पुलिस मौके पर पहुंची व घटनस्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक किया।
कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि बीते बुधवार शाम सराय निवासी अब्दुल क़ादिर के सात साल के बेटे को उनके घर के बाहर से किसी ने अपहरण कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से जानकारी ली व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जिसमे दो बाइक सवार युवक बच्चे को घर के बाहर से उठाकर ले जाते दिखे, जिनमे उनके साथ दो महिलाएँ भी दिखायी दी। घटना मेे अपहरणकर्ताओ ने एक सफ़ेद रंग की स्कोर्पीओ कार का भी इस्तेमाल किया। बाईक व स्कोर्पीओ के नबर पुलिस ने अन्य CCTV कैमरों से हासिल कर कंट्रोल रूम को सूचना फ़्लैश कर दी। पुलिस को उक्त स्कोर्पीओ कार रुड़की की तरफ़ जाती दिखी। जिसके बाद चैकिंग अभियान चलाया गया। लेकिन इस बीच भारी चैकिंग के चलते दबाव में आकर एक महिला उक्त बच्चे को लेकर भगवानपुर स्थित चौकी मंडावर पहुंची।
ये था पूरा मामला
महिला ने स्वयं को बच्चे की मां बताते हुए जानकारी दी कि बच्चे के पिता अब्दुल क़ादिर व उसका (तरन्नुम पुत्री इरफ़ान निवासी चोली भगवानपुर) निकाह 8 साल पहले हुआ था। बीते 3 साल से दोनो पति पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव था जिस कारण दोनो अलग रह थे। लेकिन बच्चा उसके शौहर के पास था।
महिला ने बताया कि बच्चे की सुपुर्दगी के लिए उसने फैमिली कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया था किन्तु मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अपने बच्चे से दूर न रह पाने के कारण मजबूरन तरन्नुम ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर बच्चे को ससुराल के बाहर से उठा लिया।
पुलिस के प्रयासों से फिर एक हुए दंपत्ति
बच्चे के अपहरण के पीछे एक मजबूर मां की कहानी व दंपत्ति के बीच की कड़वाहट सामने आने के बाद मामले को एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल को सौंपा गया। जिसके बाद सीओ निहारिका सेमवाल ने दंपत्ति को थाने बुलाया और उन्हें समझाया जिसके बाद दोनो पति पत्नी ने अपनी अपनी गलती स्वीकार करते हुए फिर से साथ रहने को राजी हो गए। इस तरह पुलिस के प्रयासों से एक टूटता परिवार फिर से एक हुआ। हालांकि दंपत्ति के आपसी व्यवहार का मूल्यांकन व काउन्सलिंग हर हफ्ते ज्वालापुर थाने की महिला हेल्प डेस्क उनके घर जाकर करेगी। पुलिस की इस मानवीय पहल की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है।


