विनोद धीमान
हरिद्वार। सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक चौकीदार से तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बेटे की नौकरी लगवाने की उम्मीद में पीड़ित ने आरोपी के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी न नौकरी मिली और न ही रकम वापस लौटी। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार टांडा भागमल स्थित श्री शिव स्टोन क्रशर में चौकीदार के रूप में कार्यरत नरेंद्र कुमार ने भिक्कमपुर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि मंगलौर क्षेत्र के ठसका गांव निवासी अश्वनी ने उनके बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए कहा था कि उसका एक भाई सचिवालय और दूसरा लोक निर्माण विभाग में कार्यरत है, जिसके कारण नौकरी लगवाना उसके लिए आसान है।
नरेंद्र कुमार का आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास कर उन्होंने अलग-अलग समय पर ऑनलाइन माध्यम से करीब तीन लाख रुपये उसके बैंक खाते में भेज दिए। उन्होंने बताया कि सभी लेनदेन के बैंक रिकॉर्ड और अन्य प्रमाण उनके पास सुरक्षित हैं।
पीड़ित के अनुसार रुपये देने के बाद लगातार आठ माह तक वह बेटे की नौकरी लगने का इंतजार करता रहा, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी बहाने बनाकर टालता रहा। बाद में आरोपी के परिजनों से भी संपर्क किया गया, लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
ठगी का एहसास होने पर नरेंद्र कुमार ने भिक्कमपुर पुलिस चौकी पहुंचकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने तथा हड़पी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
भिक्कमपुर चौकी प्रभारी यशवीर सिंह नेगी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


