कर्मचारी 18 दिन से और विद्यार्थी तीन दिन से धरने पर, देर रात आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे समाजसेवी और अन्य लोग
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। कर्मचारी सोनू कुमार और अन्य कर्मचारी पिछले 18 दिनों से, जबकि आशु मलिक के नेतृत्व में विद्यार्थी पिछले तीन दिनों से अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने और अनशन पर बैठे हैं। आंदोलन के बीच देर रात सोकिंदर बालियान सहित कई लोग विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनते हुए समाधान के लिए संवाद किया।
इस दौरान उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता सुरेंद्र देसवाल, मदन कौशिक के भाई रमेश गौड़, सतीश गौतम, कुंडू साहब सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने आंदोलनरत विद्यार्थियों और कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अपेक्षित गंभीर पहल नहीं की गई है। लंबे समय से धरने पर बैठे कर्मचारियों और अनशनरत विद्यार्थियों की स्थिति को देखते हुए जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता जताई जा रही है।
सोकिंदर बालियान ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से अपील की कि वे आंदोलनरत विद्यार्थियों और कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता करें। 21 सूत्रीय मांगों पर बिंदुवार चर्चा कर उचित मांगों के संबंध में समयबद्ध निर्णय लिया जाए। साथ ही अनशन पर बैठे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए विश्वविद्यालय में सामान्य शैक्षणिक वातावरण बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसी एक व्यक्ति या समूह की नहीं, बल्कि सभी की साझा धरोहर है। ऐसे में समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी सहमति से ही निकाला जाना चाहिए।

