हरिद्वार। हरिद्वार में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें हर की पैड़ी क्षेत्र को घटना स्थल के रूप में चिन्हित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रातः 10 बजकर 05 मिनट पर आपदा कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि गंगा नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने के कारण हर की पैड़ी क्षेत्र में भारी भीड़ के बीच भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस अफरा-तफरी के दौरान कुछ श्रद्धालुओं के गंगा नदी में डूबने और बह जाने की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। स्टेजिंग एरिया कमांडर को स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद उनके निर्देशन में आपदा प्रबंधन टीमों को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
राहत एवं बचाव कार्य
मौके पर पहुंची टीमों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया गया
नदी किनारे सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया
रेस्क्यू बोट्स के माध्यम से पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया
प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीमों को अलर्ट किया गया। कई एजेंसियों की भागीदारी रही।
इस मॉक ड्रिल में पुलिस, जल पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। सभी टीमों के बीच समन्वय स्थापित कर वास्तविक आपदा जैसी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया गया।
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया समय को परखना, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना व भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना था।


