समलैंगिकता संबंधी याचिका स्वीकारना सभ्यता को नष्ट करने जैसाः यतीन्द्रानंद
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज ने कहाकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समलैंगिकता को दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करना निंदनीय है। केवल भारत ही नहीं समस्त विश्व […]









