संत के बैठक में आ जाने से अचानक असहज हुए दो संत, जानिए कारण

हरिद्वार। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक आज कृष्णा निवास संन्यास रोड़ कनखल में आरंभ हो गई है। इस बैठक से पूर्व यानि बुधवार की देर शाम कनखल स्थित जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के हरिहर आश्रम में कुछ संतों की एक बैठक हुई। बैठक में कुछ बिन्दुओं पर चर्चा हुई।

बैठक में आचार्य महामण्डलेश्वर बालकानंद गिरि, दोनों अखाड़ा परिषदों के अध्यक्ष, स्वामी हरिचेतनानंद, स्वमी कैलाशानंद आदि मौजूद रहे। सूत्र बताते हैं कि कुछ संतों के बैठक में विलम्बर से आने पर बैठक थोड़ा देर से शुरू हुई। बैठक में चर्चा आरम्भ हुई थी की इसी दौरान निरंजन पीठाधीश्वर स्वमी पुण्यानंद गिरि महाराज भी पधार गए।


स्वामी पुण्यानंद गिरि महाराज को देखकर सभी ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया और आचार्य कहकर संबेाधित किया। यूं भी स्वमी पुण्यानंद गिरि महाराज आयु और विद्वता के वहां उपस्थित सभी संतों से वरिष्ठ थे। सूत्र बताते हैं कि स्वामी पुण्यानंद गिरि महाराज को बैठक में देखकर कुछ संत सन्न रह गए। ऐसा रिएक्शन की काटो तो खून नहीं। अपनी शक्ल भी वह छिपाते दिखे। इसी दौरान एक संत ने दूसरे का हाथ दबाकर मुंह छिपा रहे संतों की ओर इशारा किया और मंद-मंद मुस्कुराकर बिना कहे संतों की स्थिति बता दी। सूत्र बताते हैं कि थोड़ी देर की वार्ता के बाद सबसे पहले वही दो संत निकले जो अपने को स्वामी पुण्यानंद गिरि महाराज के आने से असहज महसूस कर रहे थे।


वहीं दूसरी ओर आज विश्व हिन्दू परिषद की आरम्भ हुई बैठक में लिव इन, समलैंगिकता, भूमि जिहाद, जनसांख्यिकीय बदलाव, मठ-मंदिरों के अधिग्रहण के अलावा वक्फ बोर्ड के असीमित अधिकारों पर चर्चा के साथ ही कई प्रस्ताव पारित किये जायेंगे। बैठक में विहिप के पदाधिकारियों सहित देश भर से करीब 250 वरिष्ठ संतों के मौजूद रहने की संभावना है।

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