विनोद धीमान
हरिद्वार। विवाहिता के कथित प्रेम प्रसंग को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद गहरा गया। पति ने पत्नी को मायके छोड़ दिया, जबकि मायके पक्ष ने भी उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष सुल्तानपुर पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस के अनुसार, कथित प्रेमी के मोबाइल की जांच के दौरान विवाहिता से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत सुल्तानपुर निवासी युवती का निकाह जसोद्दरपुर निवासी एक युवक के साथ हुआ था। ससुराल पक्ष का आरोप है कि विवाह से पहले से ही महिला का पास में रहने वाले एक युवक से कथित प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि शादी के बाद भी दोनों के बीच फोन पर बातचीत जारी रही।
बताया जा रहा है कि पति को जब इस संबंध की जानकारी हुई तो उसने पत्नी को समझाया और कथित प्रेमी से बातचीत बंद करने के लिए कहा। इसी दौरान पति को महिला के मोबाइल में कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पति ने परिजनों को जानकारी दी और पत्नी को लेकर उसके मायके पहुंच गया।
मायके में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इसके बाद पति विवाहिता को मायके में छोड़कर वापस लौट गया। वहीं, महिला ने अपने परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी। मायके पक्ष ने भी उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया।
इसके बाद विवाहिता कथित प्रेमी के साथ सुल्तानपुर पुलिस चौकी पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर मामले की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, कथित प्रेमी के मोबाइल की जांच के दौरान विवाहिता से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले, जिसके बाद मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया।
दोनों पक्षों ने साथ रखने से किया इनकार
बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष दोबारा चौकी पहुंचे। पुलिस ने मामले की जानकारी लेने के बाद दोनों पक्षों से बातचीत की। महिला के पति ने उसे दोबारा साथ रखने से इनकार कर दिया। वहीं, मायके पक्ष ने भी उसे अपने साथ ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद महिला कथित प्रेमी के साथ चली गई।
तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
सुल्तानपुर चौकी पुलिस के अनुसार दोनों परिवारों को चौकी बुलाकर मामले की जानकारी ली गई है। पति और मायके पक्ष ने महिला को अपने साथ रखने से इनकार किया है। पुलिस ने कथित प्रेमी का मोबाइल कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है तो उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


