बोले, 30 जून तक तैयार हो जाएगा समान नागरिकता कानून का ड्राफ्ट
बैरागी संतों को पट्टे पर दी जाए बैरागी कैंप की भूमिः रविन्द्र पुरी
हरिद्वार। विश्व हिन्दू परिषद की यहां कनखल स्थित श्री कृष्ण निवास आश्रम में आयोजित दो दिवसीय केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की अंतिम दिन की बैठक के प्रथम सत्र को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहाकि सरकार अतिक्रमण पर कार्य कर रही है। समान नागरिकता कानून को लेकर भारत का उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य है जहां पर समान नागरिकता कानून का ड्राफ्ट 30 जून तक तैयार हो जाएगा।
उन्होंने कहाकि संत उन पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें, जिससे की वह प्रदेश व सनातन धर्म के लिए कार्य करते रहें। उन्होंने कहाकि संतों ने उनसे जो अपेक्षा की है वह उसे पूरा करेंगे। उन्होंने कहाकि समान नागरिक कानून संहिता लागू होने से सभी के लिए एक ही कानून की व्यवस्था होगी। उत्तराखण्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल का कार्य करेगा। बैठक की अध्यक्षता युगपुरूष महामण्डलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज ने की। बैठक में शिरकत करने के बाद सीएम अपने तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने प्रदेश में लैड़ जिहाद पर की जा रही सरकार की कार्यवाही का स्वागत करते हुए इस कार्य के लिए सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहाकि अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए, किन्तु जो मंदिर 50 वर्ष से पुराने हैं तथा जिनका पौराणिक महत्व है उन पर कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए। कहाकि ऐसे स्थानो ंको सरकार को पट्टाकर कुछ निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है। बैरागी कैंप में आए दिन होने वाले संतों के स्थानों के साथ अतिक्रमण के नाम पर होने वाली छेड़छाड़ के सबंध में श्री महंत ने कहाकि जो स्थान बैरागी संतों के लिए रिजर्व है, उस स्थान को बैरागी अखाड़ों को सरकार द्वारा पट्टे पर दे दिया जाना चाहिए और एक निर्धारित धनराशि सरकार उनसे ले सकती है।
वहीं जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज ने भी लैंड जिहाद के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रशंसा की। हरिद्वार में विगत दिनों एक् मुस्लिम युवक द्वारा हिन्दु पहचान बनाकर किए जा रहे कारोबार पर अपपी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहाकि मुस्लिम समाज के लोग यदि हिन्दू की पहचान बनाकर या फिर हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर अपने प्रतिष्ठान का नाम रख भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं तो उन पर कार्यवाही की जानी चाहिए। वे अपने धर्म के अनुरूप अपने ढाबों आदि के नाम रखें। पहचान छिपाकर तीर्थनगरी में कारोबार करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


