डेंगू ज्वर से बचाव व चिकित्सा
आजकल ज्वर के कारण हस्पतालों में भारी भीड़ लगी हुई है कई मौतें भी हो चुकी हैं आजकल प्राय मलेरिया, टाइफाइड व डेंगू आदि का ज्वर होता है मलेरिया व टाइफाइड का तो खून की […]
आजकल ज्वर के कारण हस्पतालों में भारी भीड़ लगी हुई है कई मौतें भी हो चुकी हैं आजकल प्राय मलेरिया, टाइफाइड व डेंगू आदि का ज्वर होता है मलेरिया व टाइफाइड का तो खून की […]
1:- गृघसी (जोड़ों का दर्द)शीशम की 10 किलोग्राम छाल का मोटा चूरा बनाकर साढ़े 23 लीटर पानी में उबालें, पानी का 8वां भाग जब शेष रह जाए तब इसे ठंडा होने पर कपड़े में छानकर […]
मानसून, अपने साथ कई रोगों को लेकर आता है। हमारा शरीर अचानक तेज गर्मी से नम और बरसात वाले वातावरण मंें परिवर्तित हो जाता है। हमारे शरीर को नए मौसम के अनुकूल ढलने में समय […]
1:- तरबूज खाने से हाई ब्लड प्रेशर ठीक हो जाता है। 2:- लीची का उपयोग भी लाभदायक है। 3:- ह्रदय की कमजोरी दूर करने के लिए 25 ग्राम शहतूत का शरबत दिन में दो बार […]
आयुर्वेद में अश्वगन्धा का उपयोग वीर्यवद्धर्क, मांसवर्द्धक, स्तन्यवर्द्धक, गर्भधारण में सहायक, वातरोग नाशक, शूल नाशक तथा यौनशक्ति वर्द्धक माना है। शिशुओं के लिए:-रोगमुक्त होने के बाद शिशु के शरीर को सबल, पुष्ट और सुडौल बनाने […]
अजीर्ण रोग होने का सबसे प्रमुख कारण पेट में कब्ज बनना है ओर वषाँ ऱुतु मे खास होता है ! अजीर्ण रोग होने के कारण भोजन करने के बाद रोगी व्यक्ति का भोजन ठीक से […]
आधा निम्बू और 1 चम्मच बेकिंग सोडा लें। बेकिंग सोडा में आधा निम्बू निचोड़ दें, दो मिनट के लिए झाग आने तक छोड़ दे। रुई की सहायता से इस मिक्सचर को दांतों में लगाए। एक […]
सब्जी व फलों का निचोड़ रस कहलाता है। जिसे हम जूस कहते हैं। कद्दू का रस भी हमारे शरीर के लिए बेहद पोषक होता है। इसके रस के बहुत फायदे होते हैं। साधारण सा दिखने […]
नेत्र रोग:-आँखों के रोग को दूर करने के लिए पीले कनेर के पौधे की जड़ को सौंफ और करंज के साथ मिलाकर बारीक पीसकर एक लेप बनाएं। इस लेप को आँखों पर लगाने से पलकों […]
परवल उत्तर भारत के मैदानी प्रदेशों में आसाम, पूर्व बंगाल में पाया जाता है। इसकी दो प्रजातियां होती हैं ।1ः- पटोल2ः- कटु पटोलमधुर परवल का प्रायः शाक बनाया जाता है व कड़वे परवल का प्रयोग […]