अखाड़ा परिषद का पत्र कहीं न्यायालय की अवमानना तो नहीं
जो स्वंय अयोग्य उसे वहिष्कृत करने का अधिकार कैसेजब हम परिषद का हिस्सा ही नहीं तो वहिष्कार की बात हास्यास्प्रद: रघुमुनि हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (निरंजनी गुट) की ओर से पत्र जारी कर श्री […]









