यदि ऐसा है तो सीमा गिरि की नियुक्ति गलतः शिव स्वरूपानंद
हरिद्वार। परम्पराओं से कैसे खिलवाड़ होता है, इसकी बानगी यदि देखनी हो तो तीर्थनगरी हरिद्वार से बेहतर स्थान और कोई नहीं हो सकता। जहां प्रतिदिन परम्पराओं को तिलांजली दी जा रही है। कभी गैर ब्राह्मण […]









