चंपावत में पहली बार धामी कैबिनेट, युवाओं-किसानों और कर्मचारियों के लिए बड़े फैसले

प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक शासन की पहुंच मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के तहत रविवार को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई यह बैठक चंपावत जिले में पहली कैबिनेट बैठक रही। बैठक में शिक्षा, रोजगार, पशुपालन, चिकित्सा, भूमि और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी।

युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर ₹200 करोड़

कैबिनेट ने युवाओं को डिग्री के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए करीब ₹200 करोड़ की योजना को मंजूरी दी। इसके तहत विद्यार्थियों को प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के स्किल कोर्स कराए जाएंगे। पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग में विद्यार्थियों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। इससे एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

पहाड़ के कुक्कुट पालकों को सब्सिडी

कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। लगभग दो करोड़ रुपये की यह सहायता डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को दी जाएगी।

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने को भी मंजूरी दी गई।

पीजी डॉक्टरों का बढ़ेगा स्टाइपेंड

कैबिनेट ने पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि को मंजूरी दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वरिष्ठ और कनिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड करीब 75 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।

निजी विश्वविद्यालयों के नियम बदले

निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब इसके लिए पहले निर्धारित 10 एकड़ भूमि की जगह 20,000 वर्गमीटर भूमि में विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ किया गया है। साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण लेना होगा

कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के कर्मचारियों से संपत्ति का विवरण लेने का प्रावधान किया गया है।

प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) अधिकारी के पद को समूह ‘ख’ में किए जाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।

नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया

नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसमें खटीमा, बनबसा और चंपावत समेत संबंधित क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

वन विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) गठित करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया।

टीडीसी को ₹66 करोड़ का विशेष पैकेज

कैबिनेट ने टीडीसी के लिए ₹66 करोड़ के विशेष पैकेज को मंजूरी दी। वहीं टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने का निर्णय भी लिया गया।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में

कुक्कुट पालकों को फीड पर करीब ₹2 करोड़ की डीबीटी सब्सिडी
पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों में बेहतर समन्वय के लिए पद अपग्रेड
युवाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए ₹200 करोड़ की योजना
टीडीसी के लिए ₹66 करोड़ का विशेष पैकेज
कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन
पीआरडी अधिकारी का पद समूह ‘ख’ में
निजी विश्वविद्यालय के लिए 20,000 वर्गमीटर भूमि का प्रावधान
पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता समाप्त
पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
नजूल भूमि के नियमितीकरण का अभियान
वन विभाग के मामलों के लिए पीएमयू
उच्च शिक्षा में स्किल डिप्लोमा कोर्स
नरेंद्रनगर में नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

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