चार साल पुराने मामले में अदालत ने सुनाई सजा, 200 से अधिक CCTV फुटेज से पुलिस आरोपियों तक पहुंची
हरिद्वार। वर्ष 2022 में रुड़की में मां और नाबालिग बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया।
घटना 24 जून 2022 की रात की है। ढंडेरी ख्वाजगीपुर हाईवे के पास मां-बेटी को सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। सूचना पर पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
शुरुआत में पीड़िता सदमे के कारण ज्यादा जानकारी नहीं दे पाई। पुलिस ने संभावित मार्गों की मैपिंग करते हुए 200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में महक सिंह उर्फ सोनू की पहचान हुई। पूछताछ और CCTV जांच के आधार पर सफेद ऑल्टो कार की भी पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची।
अदालत ने मामले में महक सिंह उर्फ सोनू, निवासी इमलीखेड़ा, थाना पिरान कलियर, राजीव कुमार उर्फ विक्की तोमर, निवासी बेलड़ा, थाना भोपा, मुजफ्फरनगर, सोनू तेजियान, निवासी साल्हापुर, थाना देवबंद, सहारनपुर, सुबोध कुमार, निवासी बेलहना, थाना भोपा, मुजफ्फरनगर व जगदीश, निवासी साल्हापुर, थाना देवबंद, सहारनपुर को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।


