गुरुकुल कांगड़ी विवि के योग विज्ञान विभाग के संस्थापक अध्यक्ष थे प्रो. भारद्वाज
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार के योग विज्ञान विभाग के संस्थापक अध्यक्ष एवं शिक्षाविद प्रो. ईश्वर भारद्वाज का बुधवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की सूचना उनके पुत्र डॉ. सुयश भारद्वाज ने दी। उनके निधन की खबर मिलते ही योग एवं शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रो. ईश्वर भारद्वाज की अंतिम यात्रा विष्णु गार्डन स्थित उनके आवास से कनखल श्मशान घाट के लिए निकली। अंतिम यात्रा में शहर की विभिन्न शिक्षण एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, योगाचार्यों तथा गणमान्य लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके निधन को योग शिक्षा और शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उनके पुत्र डॉ. सुयश भारद्वाज ने उन्हें मुखाग्नि दी।
गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने प्रो. ईश्वर भारद्वाज के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निधन शिक्षा जगत और गुरुकुल कांगड़ी के लिए कभी पूरी न होने वाली क्षति है। उन्होंने कहा कि प्रो. भारद्वाज ने शिक्षा के क्षेत्र में गुरुकुल कांगड़ी का नाम देश ही नहीं, बल्कि विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। वह विभिन्न शिक्षण संस्थाओं से सदस्य के रूप में भी जुड़े रहे और शिक्षा एवं योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कनखल श्मशान घाट पर पद्मश्री योगाचार्य भारत भूषण, पतंजलि योगपीठ से रामभरत, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय से सुरेश वर्णवाल, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, योगाचार्य डॉ. सुरक्षित गोस्वामी, प्रो. श्रवण कुमार शर्मा, प्रो. प्रभात कुमार, प्रो. एम.आर. वर्मा, प्रो. पंकज मदान, प्रो. विपुल शर्मा, डॉ. धर्मेंद्र बालियान, डॉ. चर्प्रोचित बालियान, प्रो. पुरुषोत्तम कौशिक, डॉ. प्रदीप जोशी, चंद्रकिरण, महेंद्र सिंह नेगी, प्रो. संतराम वैश्य, डॉ. विजेंद्र शास्त्री, डॉ. योगेश शास्त्री, प्रो. मयंक अग्रवाल, प्रमोद कुमार, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिव कुमार चौहान, कुलभूषण शर्मा, बालेश भार्गव सहित गुरुकुल कांगड़ी के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।


