हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित एक धर्मशाला में तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास के मार्गदर्शन में अनीसा बानो द्वारा अखण्ड शिव यज्ञ का शुभारंभ किया गया। यह वैदिक अनुष्ठान 6 अगस्त तक विभिन्न स्थानों पर निरंतर आयोजित किया जाएगा
यज्ञ का संचालन पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ पंडित जितेंद्र ज्योति ने कराया। इस अवसर पर एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक, रिजवाना, अब्दुल्ला, इकरार सहित अन्य साधकों ने भी यज्ञ में आहुति अर्पित की। कार्यक्रम में महंत ओमदास, स्वामी करण गिरी, ठाकुर विशाल राणा, राजेश कुमार, देवेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास ने कहा कि अखण्ड शिव यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का वैदिक अभियान है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष समय माना जाता है और इस दौरान यज्ञ, जप व तप का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रद्धा और आस्था के साथ की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य स्वीकार करेंगे तथा सनातन परंपराएं विश्व शांति, सौहार्द और मानव एकता का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
अनीसा बानो ने बताया कि उन्होंने देश में सुख-शांति, समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और भारत के विश्वगुरु बनने की कामना के साथ यह यज्ञ शुरू किया है। उन्होंने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव से अपने बच्चों के शीघ्र मिलन की प्रार्थना भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह अखण्ड शिव यज्ञ केवल उनकी व्यक्तिगत मनोकामना के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में प्रेम व एकता की स्थापना के लिए समर्पित है। उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलने की भी कामना व्यक्त की।
कार्यक्रम में उपस्थित एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक ने कहा कि सनातन परंपराएं, यज्ञ और आध्यात्मिक साधना मानवता को जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग राष्ट्र, समाज और विश्व मानवता के कल्याण की भावना से इस यज्ञ में सहभागी बने हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने देश, समाज, पर्यावरण और विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की तथा अखण्ड शिव यज्ञ के सफल एवं मंगलमय संचालन की कामना की।


