स्वामी सत्व मुनि बने श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण (उत्तर पंगत) के नए श्रीमहंत

हरिद्वार। तमिलनाडु के कांचीपुरम में आयोजित भव्य धार्मिक समारोह में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण की उत्तर पंगत के नए श्रीमहंत की विधिवत ताजपोशी संपन्न हुई। सर्वसम्मति से पंजाब के स्वामी सत्व मुनि को उत्तर पंगत का श्रीमहंत मनोनीत किया गया।

समारोह की अध्यक्षता कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी विजेन्द्र सरस्वती महाराज ने की। उन्होंने नवनियुक्त श्रीमहंत स्वामी सत्व मुनि को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर देशभर से संत-समाज, विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांचीपुरम पहुंचे।

समारोह में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज, श्रीमहंत अद्वैत मुनि, श्रीमहंत रामनौमी दास, महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महंत सहित अनेक महामंडलेश्वर और विशिष्ट संत-महात्मा उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और संतों के सान्निध्य में उदासीन आश्रम, कांचीपुरम में स्वामी सत्व मुनि की चादर विधि संपन्न कराई गई।

इस बीच, चादर विधि से पूर्व स्वामी महेश्वर दास महाराज के नाम से एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र न देने का दावा किया था। हालांकि, अखाड़े के एक संत ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया। उनका कहना था कि स्वामी महेश्वर दास काफी समय पहले ही अपने पद से त्यागपत्र दे चुके थे और तभी से नए श्रीमहंत की चादरपोशी की तैयारियां चल रही थीं। संत ने कहा कि यदि त्यागपत्र को लेकर कोई आपत्ति होती, तो स्वामी महेश्वर दास को स्वयं सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी।

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