अखाड़ा परिषद महामंत्री बनने पर श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज का संतों ने किया भव्य स्वागत, बोले, धर्म, संत समाज और सनातन संस्कृति की रक्षा प्राथमिकता

हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पुनर्गठन में श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज को महामंत्री बनाए जाने पर रविवार को बैरागी कैंप स्थित निर्मोही अखाड़े में संत समाज की ओर से उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्माओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।


स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त महामंत्री श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि संत समाज ने उन पर जो विश्वास व्यक्त करते हुए इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद केवल संतों का संगठन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं का प्रतिनिधि मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक संत की जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि उनका संकल्प धर्म की रक्षा, संत समाज की एकजुटता और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करना रहेगा। उन्होंने कहा कि गंगा, गौ, गायत्री और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अखाड़ा परिषद सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।


राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि आगामी कुंभ पर्व के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सभी अखाड़ों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। कुंभ की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, शास्त्रीय मर्यादाओं और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए परिषद पूरी गंभीरता से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि संत समाज के सहयोग से कुंभ को सनातन संस्कृति के विश्वव्यापी संदेश का माध्यम बनाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद संतों के सम्मान, धार्मिक संस्थाओं के हितों की रक्षा तथा समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी। परिषद का प्रयास रहेगा कि सनातन धर्म की मूल परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें और नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा सके।


इस अवसर पर संतों ने कहा कि श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व और अनुभव का लाभ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को मिलेगा तथा संत समाज पहले से अधिक मजबूत होगा।


कार्यक्रम में श्री महंत नरेंद्र दास जी महाराज (महामंत्री, निर्मोही अखाड़ा), महेश दास जी महाराज (महासचिव, निर्मोही अखाड़ा), बलराम दास जी महाराज (महासचिव, दिगंबर अखाड़ा), प्रेम दास जी महाराज (महासचिव, निर्मोही अखाड़ा), श्रीमंत महात्मा जी महाराज, श्री महंत वैष्णव दास जी महाराज (दिगंबर अखाड़ा) सहित विभिन्न अखाड़ों के अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। समारोह में संतों ने एक स्वर से विश्वास व्यक्त किया कि राजेंद्र दास महाराज के नेतृत्व में अखाड़ा परिषद धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाएगी।

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