हरिद्वार। देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं में शामिल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड या वर्दी लागू किए जाने की मांग उठी है। हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदोरिया, अधिवक्ता कमल भदोरिया तथा एलएलबी अध्ययनरत चेतन भदोरिया ने इस संबंध में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर ध्यान आकर्षित किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश के लगभग सभी सरकारी विभागों और सेवाओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए निर्धारित वर्दी अथवा ड्रेस कोड की व्यवस्था है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय वन सेवा (आईएफएस), सशस्त्र सेनाओं तथा अन्य कई विभागों के अधिकारियों की अपनी विशिष्ट पहचान उनकी वर्दी से होती है, लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए कोई निर्धारित वर्दी या ड्रेस कोड नहीं है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आईएएस अधिकारी जिला, मंडल, राज्य तथा केंद्र स्तर पर शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनके निर्णयों का सीधा प्रभाव आम जनता और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ता है। यद्यपि आईएएस अधिकारी सामान्यतः गरिमापूर्ण एवं औपचारिक वस्त्र धारण करते हैं, फिर भी उनकी एक समान पहचान का अभाव बना रहता है।
भदोरिया एसोसिएट्स द्वारा ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि यदि आईएएस अधिकारियों के लिए एक निर्धारित ड्रेस कोड लागू किया जाता है तो आम नागरिक प्रशासनिक अधिकारियों को आसानी से पहचान सकेंगे। इससे प्रशासनिक गरिमा, अनुशासन और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी तथा राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता स्थापित होगी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एक समान ड्रेस कोड से अधिकारियों में जवाबदेही और पारदर्शिता की भावना और अधिक मजबूत होगी। जब अधिकारी विशिष्ट पहचान के साथ जनता के बीच उपस्थित होंगे तो प्रशासन और आमजन के बीच संपर्क भी अधिक प्रभावी बनेगा।
इसके अतिरिक्त बाढ़, महामारी, दुर्घटना, चुनाव तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में भी जनता संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान तुरंत कर सकेगी, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में सुविधा होगी। जैसे आईपीएस अधिकारी अपनी वर्दी के कारण सहज रूप से पहचाने जाते हैं, उसी प्रकार आईएएस अधिकारियों की भी एक संस्थागत और विशिष्ट पहचान विकसित हो सकेगी।
ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा नियमों में किसी प्रकार की वर्दी का प्रावधान नहीं है, लेकिन बदलते समय और जनता-प्रशासन के बीच बढ़ते प्रत्यक्ष संपर्क को देखते हुए एक औपचारिक ड्रेस कोड पर विचार किया जाना उपयोगी हो सकता है।
भदोरिया एसोसिएट्स ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस विषय पर एक विशेषज्ञ समिति गठित कर इसकी व्यावहारिकता, लागत, प्रशासनिक आवश्यकता तथा सेवा की प्रकृति का अध्ययन कराया जाए और उसके आधार पर आईएएस अधिकारियों के लिए एक गरिमामय एवं उपयुक्त ड्रेस कोड निर्धारित करने पर विचार किया जाए।
कहाकि ऐसा करने से प्रशासनिक व्यवस्था की पहचान, पारदर्शिता और जनसंपर्क को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में भारतीय प्रशासनिक सेवा देश की ऐसी प्रमुख सेवाओं में से एक है जिसके अधिकारियों के लिए कोई निर्धारित वर्दी नहीं है, जबकि अधिकांश विभागों की अपनी विशिष्ट वर्दी या ड्रेस व्यवस्था है। ऐसे में इस विषय पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।


