चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड का खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता सहित दो गिरफ्तार

कोटा। चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद की हत्या मामले में कोटा शहर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि मठ की संपत्ति, ट्रस्ट के नियंत्रण और प्रभाव को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद ही इस सनसनीखेज हत्याकांड की मुख्य वजह बना।


संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि करीब 1100 वर्ष पुराने चंद्रेसल मठ की लगभग 750 बीघा जमीन और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर नियंत्रण को लेकर दो गुटों में लंबे समय से संघर्ष चल रहा था। महंत देवानंद नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने और मठ की गतिविधियों को पुनर्गठित करने की कोशिश कर रहे थे, जिसका विरोध पुराने गुट द्वारा किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इसी विरोध और नियंत्रण की होड़ ने हत्या की साजिश का रूप ले लिया।


एक लाख की सुपारी देकर रची गई साजिश
जांच में सामने आया है कि मुख्य साजिशकर्ता संतोष कुमार राय, जो कथित तौर पर ट्रस्ट के पुराने गुट से जुड़ा है और खुद भी नियंत्रण चाहता था, ने हत्या की योजना बनाई। उसने आदित्य वर्मा को एक लाख रुपये की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी।
आदित्य वर्मा ने अपने साथियों पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस, अंकित बैरवा और एक अन्य सहयोगी को इस साजिश में शामिल किया।


वारदात से पहले की गई रेकी
पुलिस जांच में पता चला कि 1 जून को आरोपियों ने चंद्रेसल मठ की रेकी की थी और महंत देवानंद की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाई थी। वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने के लिए सभी तैयारियां पहले ही कर ली गई थीं।


5 जून की रात हुई थी निर्मम हत्या
5 जून की रात आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मठ पहुंचे। उन्होंने पहले नंदनवन कक्ष को बाहर से बंद किया और फिर महंत देवानंद के कमरे में घुसकर उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब महंत बाहर भागे, तो आरोपियों ने उनका पीछा कर उन पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


जांच में तकनीकी साक्ष्यों से मिला सुराग
घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण रही। इसके बाद एसआईटी, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और संदिग्ध नंबरों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस मुख्य साजिशकर्ता संतोष कुमार राय तक पहुंची, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।


आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस ने संतोष कुमार राय और पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आदित्य वर्मा, अंकित बैरवा और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।


मठ की संपत्ति पर लंबे समय से विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चंद्रेसल मठ की विशाल संपत्ति और ट्रस्ट संचालन को लेकर पुराने और नए गुटों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। इसी नियंत्रण संघर्ष ने इस जघन्य हत्या को जन्म दिया।

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