विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नामांकन पत्र में संशोधन की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

हरिद्वार। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदोरिया, अधिवक्ता कमल भदोरिया तथा एलएलबी अध्ययनरत चेतन भदोरिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्र में संशोधन किए जाने की मांग की है।

भदोरिया एसोसिएट की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने तथा जनप्रतिनिधियों में राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने के लिए चुनावी नामांकन प्रक्रिया में कुछ नए प्रावधान जोड़े जाने आवश्यक हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कुछ अवसरों पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा शपथ ग्रहण या अन्य संवैधानिक कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़े विषयों पर विवाद उत्पन्न हुए हैं, जिससे समाज में मिश्रित संदेश जाता है।

पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि विधानसभा चुनाव 2027 के नामांकन पत्र में ऐसा प्रावधान जोड़ा जाए, जिसके तहत प्रत्येक प्रत्याशी यह घोषणा करे कि वह राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करता है तथा उनकी गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही प्रत्याशी यह भी घोषित करे कि उसे राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पूर्ण रूप से कंठस्थ हैं और वह उनके महत्व को समझता एवं स्वीकार करता है।

भदोरिया एसोसिएट का कहना है कि इस प्रकार का संशोधन चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के भीतर देशभक्ति, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा। उनका मानना है कि इससे विधानसभा और लोकसभा जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।

पत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व इस विषय पर विचार करते हुए आवश्यक संशोधन कराने हेतु संबंधित विभागों एवं निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि इस मांग पर सरकार द्वारा उचित ध्यान नहीं दिया जाता है तो मामले को न्यायिक स्तर पर उठाने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने पर विचार किया जाएगा।

भदोरिया एसोसिएट ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।

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