सीएससी सेंटर और पेट्रोल पंप खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर साइबर ठगी की रकम खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

विनोद धीमान
हरिद्वार।
पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सीएससी सेंटरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए कर रहा था। कोतवाली लक्सर पुलिस, सीआईयू रुड़की और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विशेष एपीके फाइलों और क्यूआर कोड के माध्यम से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ठगी से प्राप्त रकम सीधे सीएससी सेंटर संचालकों और अन्य प्रतिष्ठानों के खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद नकद निकासी कर विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए रकम अन्य खातों में जमा कर दी जाती थी, जिससे धन की ट्रेल टूट जाती थी।


गिरोह के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को भावनात्मक कहानियां सुनाकर अपने जाल में फंसाते थे। कभी वाहन चालान भरने की मजबूरी तो कभी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का हवाला देकर लोगों से नकद धनराशि हासिल की जाती थी। बाद में उन्हीं लोगों के खातों में संदिग्ध लेनदेन होने के कारण खाते फ्रीज हो जाते थे।


मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम दाबकी कला निवासी मनीष कुमार और सुशील कुमार ने कोतवाली लक्सर में शिकायत दर्ज कराई। दोनों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने वाहन चालान और बीमारी का बहाना बनाकर उनसे क्रमशः 91 हजार और 80 हजार रुपये नकद लिए। बाद में उनके बैंक खाते फ्रीज हो गए, जिससे उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।


शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच के दौरान विभिन्न फत् कोड और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए।


पुलिस ने 11 जून को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त पोको ब्लू मोबाइल फोन बरामद किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अंकित चौहान (29 वर्ष) पुत्र मुल्तान सिंह तथा विशाल चौहान (28 वर्ष) पुत्र पवन सिंह, दोनों निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर के रूप में हुई है।


पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उनका चालान कर दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने बैंक खाते, क्यूआर कोड या वित्तीय संसाधनों का उपयोग न करने दें तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

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