विनोद धीमान
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द, विकासखंड लक्सर में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन को ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में कराए गए सीसी सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी की जांच आख्या के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया।
जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताएं की गईं। कई निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए, जबकि सड़क किनारे नाली निर्माण में भी तकनीकी खामियां मिलीं।
जांच टीम ने पाया कि कुछ मामलों में एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान लिया गया। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण अभिलेख जैसे बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर, कार्य पंजिका और वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 से जुड़े रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही सामने आई।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और धरातल पर हुए कार्यों में भी भारी विसंगतियां पाई गईं। कई विकास कार्यों को वर्ष 2023-24 में दर्शाया गया, जबकि उनका भुगतान और क्रियान्वयन बाद में किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि योजनाओं के चयन और अनुमोदन में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
प्रकरण में कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जाने की बात भी सामने आई। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई सड़कें निजी भूमि अथवा व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में बनाई गईं, जो पंचायत नियमों के खिलाफ है।
जांच में ग्राम प्रधान श्रीमती बसंती देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। प्रशासन के अनुसार उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था और आरोपों का समुचित खंडन नहीं किया जा सका। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप की भूमिका भी अभिलेखों के रखरखाव और प्रस्तुतिकरण में लापरवाहीपूर्ण पाई गई।
उक्त मामले में उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 138(1) के तहत कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित धनराशि की वसूली और मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


