हरिद्वार। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को बैंक प्रबंधन द्वारा दिए गए संतोषजनक लिखित आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।
अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के हरिद्वार संगठन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मई माह में विभिन्न तिथियों पर भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय-5, भेल सेक्टर-1 हरिद्वार के समक्ष जोरदार प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च आयोजित किया था। आंदोलन को विभिन्न बैंक संगठनों तथा अंतरराज्यीय एवं राष्ट्रीय कर्मचारी संगठनों का भी व्यापक समर्थन मिला।
22 मई को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कौशिक, राष्ट्रीय सचिव चंद्र शेखर एवं एसबीआई उच्च प्रबंधन अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इससे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव और लेबर कमिश्नर के साथ भी संगठन पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई थी। वार्ता के बाद बैंक प्रबंधन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने पर प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर संघ के क्षेत्रीय सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि यदि हड़ताल होती तो देशभर में नगदी और बैंकिंग सेवाओं का संकट गहरा सकता था। उन्होंने कहा कि चौथे शनिवार, रविवार, प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल और बकरीद अवकाश को मिलाकर लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग कार्य प्रभावित होने की संभावना थी, जिससे बैंक प्रबंधन और केंद्रीय वित्त मंत्रालय पर दबाव बढ़ गया था।
संगठन की प्रमुख मांगों में संदेश वाहकों एवं बैंक गार्डों की नियुक्ति, एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर चुनने का विकल्प, पेंशन विसंगतियों का समाधान, आउटसोर्सिंग पर रोक, वर्ष 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर-सर्किल ट्रांसफर पुनः शुरू करना, कैरियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा, क्रॉस सेलिंग के दौरान मिस-सेलिंग पर रोक तथा बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं।
संघ पदाधिकारियों ने हड़ताल स्थगित होने पर उच्च स्तरीय बैंक प्रबंधन एवं केंद्रीय संगठन का आभार व्यक्त करते हुए इसे कर्मचारियों की एक बड़ी जीत बताया।


