शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज करेंगे नेतृत्व
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के बीच चल रहे विवाद और संत समाज में बढ़ती वैचारिक खींचतान के बीच अब हरिद्वार में एक नई धार्मिक एवं सामाजिक संस्था का गठन होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस संस्था का नेतृत्व शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज करेंगे। बताया जा रहा है कि संस्था की औपचारिक घोषणा आज शाम तक की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक इस नए संगठन में देशभर के संतों के 127 पंथों, तेरह अखाड़ों से जुड़े संत, महंत और महामंडलेश्वर शामिल होंगे। संस्था का उद्देश्य संत समाज के बीच चल रहे विवादों को समाप्त कर सनातन धर्म को संगठित रूप से मजबूत करना बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार संस्था समाज में फैल रही कुरीतियों, धर्म के नाम पर बढ़ रही अव्यवस्थाओं तथा संत वेश धारण कर सनातन परंपरा को बदनाम करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएगी। साथ ही सनातन संस्कृति के पुनर्गठन और संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने की रणनीति बनाई जा रही है।
संत समाज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वर्तमान समय में धर्म और संत परंपरा को लेकर जिस प्रकार के विवाद सामने आ रहे हैं, उससे आम श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में नई संस्था संत समाज को एक मंच पर लाकर धार्मिक मर्यादाओं और परंपराओं की रक्षा का कार्य करेगी।
बताया जा रहा है कि संस्था गठन को लेकर हरिद्वार में कई दौर की बैठकों के बाद अंतिम सहमति बनी है। आज प्रस्तावित घोषणा के दौरान संस्था के उद्देश्य, संरचना और पदाधिकारियों के नामों का भी खुलासा किया जा सकता है। संत समाज और धर्मनगरी हरिद्वार में इस नई पहल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।


