ग्राम पंचायत की जमीन पर ‘हरा घोटाला’! छोटे पेड़ों का टेंडर, मगर दिग्गज पेड़ों की बलि, ग्रामीणों का बवाल

👉 नीलामी 38–40 इंच के पेड़ों की, काटे गए 200 इंच तक के यूकेलिप्टस और आम के पेड़
👉 मिलीभगत के आरोप, वन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी, जांच शुरू
vinod dhiman

haridwar। लक्सर के मुंडाखेड़ा कला ग्राम पंचायत की जमीन पर पेड़ों की कटाई ने बड़ा घोटाला उजागर कर दिया है। कागजों में छोटे पेड़ों की नीलामी, लेकिन जमीन पर मोटे और कीमती पेड़ों की कटाई—इस पूरे खेल ने पंचायत और प्रशासनिक सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो साल पहले 10 यूकेलिप्टस पेड़ों का मूल्यांकन कराया गया था, जिनकी गोलाई 38 से 40 इंच दर्ज की गई थी। इन्हीं पेड़ों की नीलामी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन मौके की हकीकत कुछ और ही निकली—यहां 32 यूकेलिप्टस और 4 आम के पेड़ खड़े थे।


आरोप है कि एसडीएम स्तर से 64,176 रुपये में टेंडर पास हुआ और इसे चुपचाप ‘समीम’ नाम के ठेकेदार को सौंप दिया गया। लेकिन जब ठेकेदार मौके पर पहुंचा, तो उसने नियमों को दरकिनार करते हुए छोटे पेड़ों को छोड़ सीधे 200 इंच तक की गोलाई वाले पांच विशाल यूकेलिप्टस पेड़ों पर आरी चला दी। इतना ही नहीं, एक आम का पेड़ भी काट दिया गया।
कटाई की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हंगामा खड़ा कर काम रुकवा दिया। लोगों का साफ कहना है—“जब टेंडर छोटे पेड़ों का था, तो बड़े और महंगे पेड़ों पर आरी किसके इशारे पर चली?” ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।


मामला बढ़ता देख वन विभाग की टीम हरकत में आई और लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद की शिकायत के बाद तहसील प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार दीवान राणा ने हल्का पटवारी को जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं वन विभाग के अधिकारी महेंद्र गिरी का कहना है कि अवैध कटान की जांच चल रही है और ठेकेदार के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम में मुकदमा काट दिया गया है,अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।


अब बड़ा सवाल यही है—क्या जांच में ‘हरे खेल’ के असली खिलाड़ी बेनकाब होंगे, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत भूमि और सरकारी टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरा दाग लगा दिया है।

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