गोदाम से चोरी-छिपे लोडिंग, किसानों के हंगामे पर खुला खेल
कर्मचारी व ड्राइवर हिरासत में, सहारनपुर कनेक्शन की जांच
विनोद धीमान
हरिद्वार। खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसानों के साथ बड़ा धोखा लक्सर में सामने आया है। गन्ना समिति के गोदाम से किसानों के हिस्से की यूरिया खाद को रात के अंधेरे में ट्रकों के जरिए बाहर भेजकर कालाबाजारी किए जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। किसानों की सतर्कता और मौके पर पहुंचकर किए गए विरोध के चलते इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो सका।

मिली जानकारी के अनुसार, गन्ना समिति परिसर स्थित गोदाम से देर रात यूरिया की बोरियां ट्रक में लादी जा रही थीं। आरोप है कि समिति के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए भेजी जा रही थी। इसी बीच कुछ किसानों को गतिविधि संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने अन्य किसानों को सूचना दी। देखते ही देखते सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके से खाद से भरे ट्रक को कब्जे में ले लिया और एक खाद गोदाम कर्मचारी राजवीर के साथ ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब किसान खाद के लिए लाइनों में खड़े थे, तब उनके हिस्से की यूरिया आखिर किसके इशारे पर और किस नेटवर्क के तहत बाहर भेजी जा रही थी? क्या यह केवल कुछ कर्मचारियों की करतूत है या फिर इसके पीछे एक बड़ा संगठित तंत्र काम कर रहा है? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला और गरमा गया। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) ने भी मोर्चा खोल दिया है। यूनियन पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी सौरव असवाल व लक्सर कोतवाली में शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यह सीधे-सीधे उनके हक पर डाका है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एसडीएम से दो दिन के अंदर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि यदि दो दिन के अंदर आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही नही होती है तो भारतीय किसान यूनियन (भानु) एसडीएम कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेगा। वहीं, गन्ना समिति के सचिव सूरजभान सिंह ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जिस कर्मचारी पर आरोप लग रहे हैं, उन्हें पहले ही हटा दिया गया था। उन्होंने विभागीय जांच की बात कही है, लेकिन किसानों का आरोप है कि बिना अंदरूनी संरक्षण के इस तरह का खेल संभव नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है। यदि जांच निष्पक्ष रही तो इस खाद घोटाले में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।


