लक्सर के गंगदासपुर बालावाली में पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई पहल
विनोद धीमान।
हरिद्वार। जनपद के लक्सर क्षेत्र में मखाना की खेती की औपचारिक शुरुआत हो गई है। गंगदासपुर बालावाली गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने स्वयं मखाना रोपण कर इस नई पहल का शुभारंभ किया। यह पायलट प्रोजेक्ट मणिगाछी एफपीओ द्वारा शुरू किया गया है, जिसे बिहार की एक संस्था का सहयोग प्राप्त है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि देश में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहल मखाना उद्योग को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक 476 करोड़ रुपये की केंद्र पोषित योजना के तहत अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज, कौशल विकास, ब्रांडिंग और निर्यात पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड को इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। इसके माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से किसानों को प्रशिक्षण, सेमिनार और वर्कशॉप के जरिए मखाना उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन प्लॉट भी विकसित किए जा रहे हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 143.16 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। सेब की अति सघन बागवानी, मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि मखाना जैसी लाभकारी फसलों के विस्तार से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। इस मौके पर उद्यान विभाग के अधिकारी, संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


