कर्मचारियों पर जनता के पैसे की बंदरबांट का आरोप
विनोद धीमान
हरिद्वार। नगर पालिका परिषद लक्सर के कर्मचारियों पर जनता के पैसे के दुरुपयोग और बंदरबांट के आरोप लगे हैं। कस्बा निवासी शिवम कश्यप ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के आधार पर नगर पालिका के खर्चों पर सवाल उठाए हैं।
शिवम कश्यप का आरोप है कि उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नगर पालिका परिषद से आय-व्यय और कार्यालय के डेकोरेशन पर हुए खर्च की जानकारी मांगी थी। नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में अध्यक्ष कार्यालय के डेकोरेशन, कुर्सी, मेज, पर्दे और टेंडर विज्ञापन से जुड़े बिल सामने आए हैं।
दस्तावेजों के अनुसार अध्यक्ष कार्यालय के लिए 23,100 की कुर्सी, 25,000 की मेज और 17,300 के पर्दे खरीदे गए हैं। इसके अलावा विकास कार्यों के टेंडर विज्ञापन जिन समाचार पत्रों में प्रकाशित किए गए, उनके बिलों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई थीं। शिवम कश्यप का कहना है कि जिन समाचार पत्रों में टेंडर प्रकाशित दिखाए गए हैं, उनका लक्सर नगर पालिका से कोई संबंध नहीं है और न ही उनका क्षेत्र में कोई संवाददाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष का कार्यालय पहले से ही अच्छी स्थिति में था, ऐसे में महंगे फर्नीचर और डेकोरेशन पर खर्च करना जनता के पैसे की बर्बादी है। उनका कहना है कि घ्5,000 की कुर्सी से काम चल सकता था, फिर 23,000 की कुर्सी और 25,000 की मेज खरीदने का औचित्य क्या है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद कामिल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। दस्तावेज देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि डेकोरेशन को लेकर नवनियुक्त अध्यक्ष अपने हिसाब से कार्य कराते हैं।


