हरिद्वार। गुरुकुल महाविद्यालय को लेकर चल रहे विवाद के अब और बढ़ने के आसार प्रबल हो गए हैं। बीते रोज गुरुकुल महाविद्यालय के एक गुट विशेष ने पत्रकार वार्ता कर गुरुकुल महाविद्यालय को हडपने के षडयंत्र रचने का बाबा रामदेव पर आरोप लगाया था। सूत्र बताते हैं कि आज दूसरे गुट की हुई बैठक में पतंजलि योगपीठ को गुरुकुल महाविद्यायल का संचालन करने के लिए सौंपे जाने की योजना पर करीब-करीब मोहर लग गई है। इस संबंध में आगामी 25 मई को आयोजित होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि बीते रोज एक गुट विशेष की आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी यतीश्वरानंद नदारत रहे। जबकि इस गुट के सर्वे सर्वा स्वामी यतीश्वरानंद हैं। गुरुकुल महाविद्यालय को लेकर पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का प्रेसवार्ता से नदारत रहना कहीं न कहीं स्वामी यतीश्वरानंद की गुरुकुल महाविद्यालय को लेकर भक्ति पर सवालिया निशान लगाता है। जबकि पूर्व में गुरुकुल पर कब्जे के प्रयास का आरोप विधायक मदन कौशिक व पूर्व मंत्री पर लगाते हुए स्वामी यतीश्वरांनद ने पूर्व में विशाल रैली निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था। कई प्रांतों के आर्य समाज के लोगों को बुलाया था। अब स्वामी यतीश्वरानंद का बैठक और प्रेसवार्ता से गायब रहना उनकी गुरुकुल महाविद्यालय के प्रति निष्ठा पर सवाल खड़े करता है।
वहीं गुरुकुल महाविद्यालय के सूत्र बताते हैं कि बाबा रामदेव ने सबके सामने कहा कि स्वामी यतीश्वरांनद उनके आगे बोल नहीं सकते। कारण की अमित शाह से कहकर उन्होंने ही स्वामी यतीश्वरांद को मंत्री बनवाया था। ऐसे में स्वामी मेरे आगे कैसे बोल सकता है। यदि ऐसा है तो बाबा को तो चुप रहना ही पड़ेगा। उधर गुरुकुल महाविद्यालय के दूसरे गुट के लोगों का कहना है कि गुरुकुल महाविद्यालय को बचाने के लिए समाज के लोगों को इकट्ठा कर व न्यायालय के द्वारा लड़ाई लड़ी जाएगी।


