कुछ समय पहले ही प्राचीन सुरकंडा देवी मन्दिर पर रोपवे के निर्माण के बाद अब प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर तक भी रोपवे का निर्माण होने की कवायद शुरू हो गई है। जिसके बाद अब भविष्य में यहां आने वाले पर्यटकों को नीलकंठ महादेव के दर्शनों के साथ ही आरामदायक सफर का आनंद भी मिल सकेगा।
उत्तराखंड में पर्यटकों को लुभाने व ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों पर बसे प्राचीन मंदिरों के दर्शन की राह सुगम बनाने के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। जिसके चलते अब कम समय में अधिक श्रद्धालु इन मन्दिरों के दर्शन कर सकेंगे।
ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक बनने वाले इस रोपवे को मंत्रिमंडल ने पीपीपी मोड पर बनाने को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिए इस रोपवे की डीपीआर भी तैयार हो गई है। उम्मीद है कि दो साल के भीतर यह रोपवे तैयार हो जाएगा।
मंत्रिमंडल की एक बैठक में रोपवे के विषय में बताया गया कि इस रोपवे की कुल लंबाई 6585 मीटर (6.5 किमी) होगी। इसमें संभावित 465 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है है। इस रोपवे में चार स्टेशन बनाए जाएंगे। पहला स्टेशन आईएसबीटी ऋषिकेश, दूसरा स्टेशन त्रिवेणी घाट, तीसरा स्टेशन नीलकंठ महादेव मंदिर और चौथा स्टेशन पार्वती मंदिर होगा। यह रोपवे 30 वर्षों के लिए पीपीपी मोड पर दिया जाएगा। देहरादून में नियो मेट्रो का कार्य देख रही मेट्रो कारपोरेशन को इसका जिम्मा दिया गया है।


