उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं का पक्ष आज सारे विश्व के सामने आना ही चाहिये। आज पूरी दुनिया इस्लाम को घृणा की नजर से देख रही है क्योंकि मुसलमान पूरी दुनिया को अपनी शिकारगाह बनाये हुए हैं। पूरा यूरोप इसका ज्वलन्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर बटवारा होने के बाद भी हिन्दुओ ने मुसलमानों को यहां अपना भाई समझ कर रहने दिया। परन्तु आज कुछ मुसलमानों ने जिहाद के नाम पर नफरत फैलने का काम किया जिससे आज पूरी कौम को शक की निगाहों से देखा जाने लगा है। ऐसे में ये समझना बहुत जरूरी है कि वास्तव में इस्लाम है क्या? और ये तभी सम्भव है जब इस्लाम के धर्मगुरु खुले मन से इस विषय पर अपनी बात दुनिया के सामने रखे और हमारी आशंकाओं का सही सही उत्तर दे। अगर हमने मिलकर इन सब प्रश्नों के उत्तर तलाश कर लिये और सच्चाई दुनिया के सामने ला कर रख दी तो ये सम्पूर्ण मानवता की बहुत बड़ी सेवा होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि 25 दिसम्बर 2022 से होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन के लिये हरिद्वार में माँ गंगा का तट सबसे उपयुक्त स्थान रहेगा। जो भी शास्त्रार्थ होता है उसका सोशल मीडिया और अन्य साधनों से सारे विश्व मे प्रसारण किया जाएगा। पूर्व मुस्लिमों की एक पूरी फौज इस पुनीत कार्य मे सत्य का साथ देना चाहती है जो उस समय शास्त्रार्थ में उपस्थित रहकर सत्य को समझने में सहायता देगी। हरिद्वार में बहुत से ऐसे धर्मगुरु हैं जो बड़े बड़े मौलानाओ के मित्र समझे जाते हैं। इस आयोजन में उन सबकी मदद लेने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ निवासी योगी सरोजनाथ जी इस आयोजन के मुख्य संयोजक होंगे। वो भारत के सभी हिन्दू धर्मगुरुओं को इस आयोजन से जोड़ेंगे और सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं को इसके लिये पत्र लिखकर आमंत्रित करेगे।


