हरिद्वार में शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज के सान्निध्य में कल एक महत्वपूर्ण विद्वत सम्मेलन का आयोजन शांभवी पीठ में 26 मार्च को किया जाएगा। इस सम्मेलन में कुंभ के वास्तविक स्वरूप, उसकी परंपराओं और शास्त्रीय आधारों के साथ अखाड़ों के विवाद पर शास्त्र सम्मत चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में देशभर से आए विद्वान, संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे, जो शास्त्रों के आधार पर कुंभ की परंपरा, उसकी महत्ता और वर्तमान समय में उसके स्वरूप पर अपने विचार रखेंगे।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 21 मूर्धन्य विद्वानों को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य सनातन परंपराओं को मजबूत करना और समाज में धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान केवल कुंभ ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म से जुड़े अन्य धार्मिक विषयों और पदों पर भी गहन चर्चा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से सनातन धर्म की परंपराओं, मूल्यों और शास्त्रीय मान्यताओं को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने बताया कि इस तरह के विद्वत संवाद से धर्म और संस्कृति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आती है तथा नई पीढ़ी को भी सनातन परंपराओं के बारे में सही जानकारी मिलती है। उन्होंने देशभर के संतों और विद्वानों से इस सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया है।


