महंत रघुमुनि और कोठारी दामोदर दास की वापसी की चर्चा तेज, मुकामी संतों को साक्ष्य जुटाने की चेतावनी
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में इन दिनों हालात सामान्य नहीं माने जा रहे हैं। अखाड़े में श्रीमहंत पद को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच अब घटनाक्रम तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार अखाड़े से निष्कासित किए गए श्रीमहंत रघुमुनि और कोठारी दामोदर दास की दोबारा वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों संतों के निष्कासन का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन अखाड़े के अंदरूनी हालात को देखते हुए आने वाले समय में कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुछ संतों और मुकामी महापुरुषों के लिए स्थिति कठिन होने की आशंका भी जताई जा रही है।
इसी बीच मुकामी संतों को संबोधित करते हुए एक संदेश भी सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि श्रीमहंत रघुमुनि पर लगाए गए आरोपों की जांच जल्द शुरू होने वाली है। ऐसे में जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उन्हें संबंधित साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए कहा गया है, ताकि जांच प्रक्रिया में उन्हें प्रस्तुत किया जा सके।
संदेश में यह भी कहा गया है कि हाल ही में त्रयंबक में हुई बैठक के दौरान कई समझदार मुकामी संतों ने परिस्थितियों को देखते हुए किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया और वापस हरिद्वार तथा कुरुक्षेत्र लौट गए।
सूत्रों का कहना है कि जिन मुकामी संतों ने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं, विशेषकर हरिद्वार, त्रयंबकेश्वर और कुरुक्षेत्र से जुड़े संत, वे कानूनी प्रक्रिया में उलझ सकते हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि कुछ लोग स्वयं मुकामी न होने के कारण किसी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं।
अखाड़े के अंदर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं और संत समाज में हलचल का माहौल बना हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में अदालत और अखाड़े के स्तर पर क्या निर्णय सामने आता है और आखिरकार यह ऊंट किस करवट बैठता है।


