भगवान कपिल का दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर: रविन्द्र पुरी

कपिल मुनि षष्ठी पर्व पर दिखा श्रद्धा और सेवा का संगम
हरिद्वार।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में शुक्रवार को कपिल षष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर प्रातःकाल भगवान कपिल मुनि का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। संत-महंतों ने विश्व कल्याण और सभी प्राणियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सर्वे भवंतु सुखिनः की प्रार्थना की। पूजन-अर्चन के बाद अखाड़े की छावनी में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संत-महंतों, महामंडलेश्वरों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान संतों ने भगवान कपिल मुनि की महिमा का गुणगान किया।

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव एवं श्री अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में ज्ञान, तप और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक माने जाते हैं। कपिल षष्ठी पर्व सनातन परंपरा, ज्ञान और मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर है। कहा कि भगवान कपिल मुनि की तपस्या, ज्ञान और दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं से समाज को सत्य, संयम और आत्मज्ञान की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि संत समाज का दायित्व केवल धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से धार्मिक चेतना के साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी जन-जन तक पहुंचता है।


उन्होंने 26/11 जैसी घटना को रोकने और सैंकड़ों लोगों की हवाई यात्रा के दौरान जान बचाने वाले भारतीय कैप्टर स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ्य होने की भगवान कपिल से कामना की।

श्रीमहंत मनोज गिरी महाराज ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के साथ मानव सेवा के लिए प्रेरित करती है। भगवान कपिल मुनि की शिक्षाएं आज भी मनुष्य को ज्ञान, संयम और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाती हैं।
कहा कि सनातन परंपरा में महापुरुषों के पर्व समाज को एकजुट करने का काम करते हैं। भगवान कपिल मुनि का जीवन ज्ञान और साधना का प्रतीक है। धार्मिक आयोजनों के साथ सेवा कार्यों को जोड़ना संत परंपरा की महत्वपूर्ण विशेषता रही है।

रक्तदान शिविर में सभी वर्गों ने लिया हिस्सा
कपिल षष्ठी पर्व के अवसर पर अखाड़े की छावनी में रोटरी क्लब रानीपुर के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। संतों ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है और जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में इसका बड़ा योगदान है।


आयोजकों ने रक्तदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का यह संगम समाज में भाईचारे, सद्भाव और मानवता का संदेश देता है। आयोजन के दौरान संत-महंतों, श्रद्धालुओं और सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।


इस अवसर पर श्रीमहंत मनोज गिरि, श्रीमहंत विनोद गिरि ऊर्फ हनुमान बाबा, श्रीमहंत गंगा पुरी, श्रीमहंत कृष्णा गिरि, श्रीमहंत विश्वनाथ गिरि, श्रीमहंत धीरज पुरी, महामण्डलेश्वर स्वामी निजस्वरूपानंद ऊर्फ दाती महाराज, साध्वी गौतमी, भारती केंद्रीय मंत्री शोभा कारणदजे, कोठारी जसविंदर सिंह, नया उदासी अखाड़े के श्रीमहंत, म.म. शिव प्रेमानंद, मनसा पुरी, श्रीमहंत सत्यम गिरि, सुभाष पुरी आदि संत-महंत मौजूद रहे।

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