हरिद्वार। पंचदशनाम आवाह्न अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत स्वामी चेतनानंद गिरि ने उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के प्रति इस तरह की टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रदेश के लोगों का अपमान करने वाले बयान न केवल जनभावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि राज्य की पहचान और सम्मान पर भी सवाल खड़े करते हैं।
स्वामी चेतनानंद गिरि ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के कप्तान नहीं हैं, जो यहां के लोगों की पहचान और उनके सम्मान पर इस तरह की टिप्पणी करें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों, संतों, तपस्वियों और मेहनतकश लोगों की भूमि है। यहां के लोगों ने देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में प्रदेशवासियों को घुसपैठिया बताना उनकी भावनाओं का अनादर है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी प्रदेश के नागरिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा उचित नहीं है।
स्वामी चेतनानंद गिरि ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़े विषयों पर प्रदेश की जनता एकजुट है और यहां के लोगों के सम्मान के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

