तनाव चरम पर, न काम पर लौटे लेखपाल, न पीछे हटे अधिवक्ता
विनोद धीमान
हरिद्वार। लक्सर में अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच चला आ रहा विवाद थमने के बजाय और उग्र हो गया है। 20 फरवरी को हुए विवाद के मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस ने क्रॉस मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। इसके बावजूद हालात सामान्य होने के बजाय तनाव और गहरा गया है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने लेखपाल पक्ष के मामले में तुरंत कार्रवाई की, जबकि अधिवक्ताओं की तहरीर में जानबूझकर गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं। इसी को लेकर सैकड़ों अधिवक्ता लक्सर कोतवाली पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा संगीन धाराएं जोड़ने की मांग पर अड़ गए।
वहीं लेखपाल संघ ने सरकारी कार्य के दौरान अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए कार्य बहिष्कार जारी रखा है। लेखपाल संघ का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन उन्हें सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, तब तक न तो वे काम पर लौटेंगे और न ही किसी समझौते के लिए तैयार हैं। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई है कि एक ओर अधिवक्ता प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी ओर लेखपाल संघ ने भी आंदोलन और तेज करने के संकेत दिए हैं। दोनों संगठनों की आमने-सामने की रणनीति से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोतवाली निरीक्षक का कहना है कि मामले में क्रॉस मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है।
हालांकि, जमीनी स्तर पर न तो तनाव कम हुआ है और न ही किसी समाधान के संकेत दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल लक्सर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरा मामला प्रशासन के लिए बड़ी अग्निपरीक्षा बन चुका है।


