हरिद्वार। उत्तराखंड कांग्रेस में खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले ही इन चर्चाओं पर नाराजगी जता चुके हैं। इसी बीच उमेश कुमार ने करीब साढ़े सात मिनट का वीडियो जारी कर कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं और न ही भाजपा में। उन्होंने कहा कि वह जन निर्माण पार्टी की सदस्यता लेंगे और उसी के टिकट पर खानपुर से चुनाव लड़ेंगे।
उमेश कुमार ने कहा कि हरीश रावत को लगता है कि कांग्रेस में चल रहे घटनाक्रम के पीछे उनका हाथ है। उन्होंने कहा कि वह खानपुर से ही चुनाव लड़ेंगे। टैक्सी किराये को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके परिसर में करीब 100 गाड़ियां खड़ी हैं, ऐसे में वह टैक्सी का किराया क्यों नहीं देंगे। यदि किसी कार्यकर्ता ने ऐसा किया है तो उसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
हरीश रावत पर निशाना साधते हुए उमेश कुमार ने कहा कि वह कांग्रेस में क्यों जाना चाहेंगे। उनके अनुसार कांग्रेस के कई नेता पहले उनके संपर्क में रहे हैं और मदद मांगते रहे हैं। उन्होंने हरीश रावत को संबोधित करते हुए कहा कि शायद उनके भाग्य में ही लिखा था कि उनके कारण रावत की सरकार गिरे।
कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को खारिज करते हुए उमेश कुमार ने कहा कि उनके इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि वह कांग्रेस में शामिल होकर उसके समर्थन में नारे लगाएं। उन्होंने कहा कि हरीश रावत का सम्मान है, लेकिन वह स्वयं को उनसे कमतर नहीं मानते। उन्होंने दावा किया कि जब रावत मुख्यमंत्री थे, तब भी वह उनसे नहीं डरे।
वीडियो में उमेश कुमार ने रावत पर तीखे राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने रावत को लेकर कई आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं तथा आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस को नुकसान हुआ। उमेश कुमार ने कहा कि उनकी राजनीति कमीशनखोरी पर आधारित नहीं है और वह गरीबों के मुद्दों को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उमेश कुमार के इस बयान के बाद कांग्रेस में उनके संभावित प्रवेश को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है।

