हेल्थ के लिए छाछ और कांजी दोनों ही फर्मेंटेड ड्रिंक है और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन उनके पोषक तत्व, गुण और फायदे अलग-अलग होते हैं. आइए जानते हैं कि कांजी और छाछ में से कौन सा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है.
कांजी या छाछ के से पीने से होगी आंतों की सफाई?
गुड हेल्थ के लिए यह फर्मेंटेड ड्रिंक है। बेहतर फर्मेंटेड राइस वॉटर कांजी में स्टार्च और फैटी एसिड पाया जाता है।
हमारे शरीर के लिए प्रोबायोटिक बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं, जो फर्मेंटेड फूड में पाए जाते हैं। खासकर जैसे-जैसे मौसम गर्म होता जा रहा है, यह प्रोबायोटिक गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और शरीर को ठंडक भी देते हैं. फर्मेंटेड ड्रिंक में लोग अधिकतर छाछ या कांजी का सेवन करते हैं। यह दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, इसमें फर्मेंटेशन प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है। यह शरीर में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाकर बैड बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। लेकिन गर्मियों के दौरान कांजी या छाछ में से आपको किसका सेवन करना चाहिए आइए आपको बताते हैं।
छाछ पीने के फायदे
छाछ में लैक्टिक एसिड पाया जाता है। साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन इ12 और प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है। लो फैट दही से बने होने के कारण इसमें फैट और कैलोरी भी कम मात्रा में होती है। छाछ में मौजूद लैक्ट्रिक एसिड, खराब बैक्टीरिया को कम करते हैं। सूजन को कम करने में मदद करते हैं और कैल्शियम और बी-12 हड्डियों को मजबूत बनाकर एनर्जी देने में मदद करता है।
फर्मेंटेड राइस वॉटर कांजी
फर्मेंटेड राइस वॉटर कांजी में स्टार्च और फैटी एसिड पाया जाता है। साथ ही विटामिन इ1, इ6, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं। यह गुड बैक्टीरिया से भरपूर होते हैं. इसमें प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन को बढ़ाते हैं। ये कब्ज को दूर करते हैं। एसिड रिफ्लक्स को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
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बीटरूट कांजी
बीटरूट कांजी चुकंदर और सरसों के बीज को पानी में दो से तीन दिन तक फर्मेंट करके बनाई जाती है। फर्मेंटेशन के दौरान इसमें लैक्टोबैसिलस की मात्रा बढ़ जाती है, जो एक स्ट्रांग प्रोबायोटिक होता है। यह आंतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, विटामिन सी और नाइट्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो लीवर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है। हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाता है और ब्लड फ्लो को भी बेहतर करता है।
शकरकंद कांजी
उबले हुए शकरकंद को पानी में डालकर फर्मेंट करके शकरकंद कांजी तैयार की जाती है। इसमें सरसों के बीज और कुछ मसाले भी डाले जाते हैं। इसमें लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन में मदद करती है। आंतों की सूजन को कम करती है। वहीं, शकरकंद में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को एनर्जी देता है। साथ ही इसमें फाइबर, विटामिन सी और बीटा कैरोटीन भी पाया जाता है।
नारियल पानी केफिर
यह फर्मेंटेड ड्रिंक नारियल पानी में केफिर के दाने डालकर बनाई जाती है, जिससे इसमें गुड बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। यह कम कैलोरी वाली ड्रिंक है, जो वेट लॉस में भी मदद करती है। शरीर को डिटॉक्सिफाई करती है। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की मात्रा को बढ़ाती है।
कांजी और छाछ में कौन सी बेहतर
गर्मियों में छाछ पीना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि शरीर को ठंडक देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।
वहीं, कांजी का सेवन सर्दियों में करना फायदेमंद होता है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
अगर आपको पाचन संबंधी समस्याएं हैं, तो दोनों ही ड्रिंक आपके लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि यह एसिडिटी को कम करके गट हेल्थ को बेहतर बनाती है। साथ ही डिटॉक्स और वेट लॉस के लिए भी कांजी बेहतर ऑप्शन है।
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
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