तीन युवकों पर गाली-गलौज, कपड़े फाड़ने और सामूहिक दुष्कर्म की धमकी देने के आरोप
हरिद्वार। पथरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने गांव के ही तीन युवकों पर गंभीर उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। महिला ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे उत्पीड़न और कथित धमकियों के कारण वह अपने दो बच्चों के साथ भय के माहौल में रहने को मजबूर है। पुलिस से न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उसने बच्चों सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति दिए जाने की गुहार लगाई है।
महिला ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि गांव के ही महबूब पुत्र अहमद अली और उसके साथी अहसान व जावेद पर उसने सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी छवि खराब करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो उसे कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ा। उसने कपड़े फाड़ने तथा सामूहिक दुष्कर्म की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
शबनम ने बताया कि उसके पति काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं और वह अपने दो बच्चों के साथ घर पर रहती है। उसका आरोप है कि इस स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी उसे लगातार परेशान और भयभीत कर रहे हैं। महिला ने कहा कि लगातार हो रहे कथित उत्पीड़न के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुकी है और उसे अपने तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
महिला के मुताबिक, उसने देहरादून स्थित जन कल्याण समिति के माध्यम से पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन उसके अनुसार मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से न्याय नहीं मिलने के बाद उसने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महिला ने कहा कि यदि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी उसे न्याय और सुरक्षा नहीं मिलती है तो उसे बच्चों सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान जन कल्याण समिति के मीडिया प्रभारी कुलदीप शर्मा भी मौजूद रहे। पुलिस कार्रवाई और जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


