“मैं सुधीर गिरी और मोहन दास नहीं हूं…” रविंद्र पुरी के तीखे तेवर, संतों के विवाद ने पकड़ा तूल

सोशल मीडिया पोस्ट विवाद ने संत समाज में बढ़ाया तनाव, बयानबाज़ी से टकराव गहराया


हरिद्वार। सोशल मीडिया पर नवीन शर्मा द्वारा की गई एक विवादित पोस्ट और उसके कुछ समय बाद उसे हटाए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पोस्ट को लेकर अब संत समाज के विभिन्न अखाड़ों के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है, जिससे विवाद और गहरा गया है।


इसी क्रम में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी तथा अन्य संतों द्वारा हाल ही में प्रयागराज में आयोजित प्रेसवार्ता के संदर्भ में तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि, मेरी हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है। “मैं सुधीर गिरी नहीं हूं जो मैं मर जाऊंगा और आप बच जाएंगे। मैं मोहन दास भी नहीं हूं। यदि मैं मरूँगा तो कई लोग इसमें फंस जाएंगे।”


रविंद्र पुरी महाराज ने आरोप लगाया कि विवादित सोशल मीडिया पोस्ट कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उनका कहना था कि जिस समय प्रयागराज में श्रीमहंत दुर्गादास, यमुना पुरी, जगतार मुनि और अन्य संत प्रेसवार्ता कर रहे थे, उसी दौरान यह पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली गई, जिससे संदेह और गहरा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कुछ लोगों की सुनियोजित भूमिका हो सकती है।


इस बयान के बाद संत समाज में चल रहा विवाद और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप से विभिन्न अखाड़ों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में हरिद्वार, नासिक और उज्जैन जैसे प्रमुख कुंभ एवं अर्धकुंभ आयोजनों की व्यवस्थाओं और आपसी समन्वय पर इसका असर पड़ सकता है।

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