विनोद धीमान
हरिद्वार। पुलिस ने एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह हत्याकांड मंदिर की गद्दी (उत्तराधिकार) के विवाद के चलते अंजाम दिया गया। आरोपितों ने दो साधुओं की बेरहमी से हत्या कर उनके शव आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे।
क्या था मामला
21 जुलाई को पथरी थाने में उत्तम झा के साथ पहुंचे पंकज निवासी ऐथल ने सूचना दी कि मंदिर में रह रहे दो साधुओं की हत्या कर दी गई है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
ऐसे खुला हत्याकांड
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या में मृतकों के परिचित ही शामिल हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने काठा पीर के जंगल में दबिश देकर अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक पारस गिरी ने सेवा गिरी को मंदिर की गद्दी सौंप दी थी, जिससे आरोपित नाराज थे। इसके बाद चारों आरोपितों ने सीसीटीवी कैमरे बंद कर पहले सेवा गिरी और फिर पारस गिरी की धारदार हथियार (पाठल) से हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को आश्रम के पास गड्ढे में दबा दिया, खून के निशान साफ किए और खून से सना गद्दा जलाकर फरार हो गए। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शी उत्तम झा को भी धमकाया और मोबाइल व सिम तोड़कर भाग जाने की सलाह दी।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो फावड़े और एक पाठल बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम पते अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42), निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, पथरी, आशु (37), निवासी इस्माइलपुर, थाना लक्सर व राममिलन (38), मूल निवासी उत्तरकाशी, वर्तमान पता करनाल (हरियाणा) बताए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि फरार चौथे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों का विधिक कार्यवाही के बाद चालान कर दिया गया।


