हरिद्वार। शहर में काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) लगे चार पहिया वाहनों की बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। नियमों के विरुद्ध सड़कों पर दौड़ रहे ऐसे वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि काली फिल्म चढ़े वाहनों में बैठे लोग दिनदहाड़े शराब पीते और मांसाहार करते देखे जा रहे हैं। वहीं शारदा नगर सहित कई अन्य क्षेत्रों में ऐसे वाहनों में सवार लोगों द्वारा अभद्रता करने और युवतियों पर छींटाकशी की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है।
शहर में जल्द ही कांवड़ मेला शुरू होने वाला है और अगले वर्ष कुंभ का आयोजन भी प्रस्तावित है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच काली फिल्म लगे वाहनों का बेरोकटोक संचालन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि काले शीशों के कारण वाहन के अंदर बैठे लोगों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे असामाजिक तत्व इसका फायदा उठा सकते हैं।
पुलिस प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले काली फिल्म चढ़े वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही ऐसे वाहनों के चालकों पर नियमानुसार चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कांवड़ मेले और आगामी महाकुंभ के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।


