हरिद्वार। कांवड़ यात्रा से पहले यात्रियों से ओवरचार्जिंग करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सोमवार को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में 25 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 5 वाहनों को सीज़ कर दिया गया।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीमों ने आम यात्रियों के रूप में विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो में सफर कर किराया वसूली की जांच की। इस दौरान कई चालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलते पाए गए।
जांच में एक ई-रिक्शा चालक ने भेल फाउंड्री गेट से विकास भवन (करीब 8 किलोमीटर) तक की यात्रा के लिए ₹200 किराया वसूला, जबकि निर्धारित दर ₹12 प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया लगभग ₹96 होना चाहिए था। यात्रियों से दोगुने से अधिक किराया वसूलने पर संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल सीज़ कर दिया गया।
परिवहन कर अधिकारी (टीटीओ) वरुणा सैनी के नेतृत्व में चले इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को निर्धारित किराए पर सुरक्षित एवं पारदर्शी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने कहा कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली गंभीर अनियमितता है और ऐसे मामलों में आगे भी सघन एवं आकस्मिक अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों से निर्धारित किराया सूची का पालन करने और यात्रियों के साथ नियमसम्मत एवं शिष्ट व्यवहार करने की अपील की है। साथ ही आमजन से भी ओवरचार्जिंग या अन्य अनियमितता की सूचना परिवहन विभाग अथवा जिला प्रशासन को देने का आग्रह किया है, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।


