श्रीमहंत कृष्णा गिरि बोले, रविन्द्र पुरी के नेतृत्व में ऐतिहासिक होगा आगामी कुंभ
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के श्रीमहंत सचिव रविन्द्र पुरी महाराज की पुनर्नियुक्ति के बाद संत समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। महानिर्वाणी अखाड़े में आयोजित स्वागत समारोह में संतों और श्रद्धालुओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। श्री जंगम शिवालय एवं श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के श्रीमहंत कृष्णा गिरि महाराज तथा रवि गिरि महाराज ने पुष्पमालाएं पहनाकर एवं सम्मान स्वरूप पटका ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर संत समाज ने इसे सनातन परंपरा की मजबूती और अखाड़ों की एकता का प्रतीक बताया।
समारोह में उपस्थित संतों ने कहा कि रविन्द्र पुरी महाराज का पुनः अध्यक्ष चुना जाना उनके प्रति संत समाज के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उनके नेतृत्व में अखाड़ा परिषद ने बीते वर्षों में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर प्रभावी भूमिका निभाई है और संत समाज को एक मंच पर संगठित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्रीमहंत कृष्णा गिरि महाराज ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद केवल अखाड़ों की संस्था नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। ऐसे में रविन्द्र पुरी महाराज का पुनः अध्यक्ष बनना पूरे देश के संत समाज के लिए गौरव और आत्मविश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए सशक्त नेतृत्व की आवश्यकता है, जिसे रविन्द्र पुरी महाराज पूरी निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रविन्द्र पुरी महाराज ने हमेशा सभी अखाड़ों के बीच समन्वय स्थापित कर संगठन को मजबूत किया है। धर्म, संस्कृति, राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता से जुड़े मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच और सक्रिय भूमिका के कारण संत समाज में उनका विशेष सम्मान है। उनके नेतृत्व में अखाड़ा परिषद आने वाले समय में और अधिक प्रभावशाली तथा संगठित रूप में कार्य करेगी।
श्रीमहंत कृष्णा गिरि महाराज ने आगामी कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए कहा कि कुंभ भारत की आध्यात्मिक विरासत का सबसे बड़ा आयोजन है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि रविन्द्र पुरी महाराज के नेतृत्व में आगामी कुंभ दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महापर्व को सफल बनाने में अखाड़ा परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है और रविन्द्र पुरी महाराज का अनुभव इस आयोजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
श्रीमहंत रवि गिरि महाराज ने कहा कि रविन्द्र पुरी महाराज के नेतृत्व में संत समाज की एकता और संगठनात्मक शक्ति और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि सनातन धर्म के मूल्यों, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। अखाड़ा परिषद इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है और आने वाले समय में यह अभियान और व्यापक होगा।
कहा कि अखाड़ा परिषद का मजबूत नेतृत्व केवल संत समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रविन्द्र पुरी महाराज के नेतृत्व में परिषद धर्म रक्षा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, गौसंरक्षण तथा भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगी।
स्वागत समारोह में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने रविन्द्र पुरी महाराज को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की कामना की।


