दोस्ती से दुश्मनी तक: साध्वी और आचार्य महामण्डलेश्वर का विवाद धोखे का परिणाम

हरिद्वार। आचार्य महामण्डलेश्वर और साध्वी के बीच चली अदावत नई नहीं है। धोखा देने के बाद साध्वी ने भवानी का रूप धारण किया।
उल्लेखनीय है कि एक साध्वी ने कुछ दिन पूर्व एक वीडियो जारी कर एक अखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर पर बीबी-बच्चे होने के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही हाल ही एक पुत्र के पैदा होने की भी बात कही थी।


सूत्र बताते हैं कि साध्वी और आचार्य महामण्डलेश्वर के बीच कुछ वर्षों पूर्व खासी मित्रता थी। अपने कार्य पूरे करवाने के लिए आचार्य महामण्डलेश्वर ने साध्वी का इस्तेमाल किया और साध्वी ने भी आचार्य महामण्डलेश्वर को बचाने के लिए जी जान से कार्य किया। साध्वी की निष्ठा को देखते हुए आचार्य महामण्डलेश्वर ने साध्वी से उसकी पुत्री के विवाह के समय एक मोटी रकम देने का वायदा किया था।


सूत्र बताते हैं कि जो कार्य साध्वी ने आचार्य महामण्डलेश्वर के लिए किए यदि साध्वी साथ न देती तो आज आचार्य महामण्डलेश्वर का न तो वह वैभव होता, बल्कि आचार्य महामण्डलेश्वर को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती थी।


कहते हैं न कि कुछ लोग अपना काम निकलने पर गिरगिट की तरह रंग बदलने मंे माहिर होते हैं। ठीक वैसा ही आचार्य महामण्डलेश्वर ने साध्वी के साथ किया। जब साध्वी की पुत्री का विवाह होने को था तो आचार्य महामण्डलेश्वर ने रुपये देने की बात तो दूर साध्वी का फोन तक उठाना बंद कर दिया। बस क्या था, साध्वी और आचार्य महामण्डलेश्वर के बीच इसी बात को लेकर दूरी बढ़ गयी।

पुत्री के विवाह के समय वादा कर रुपये न देने के कारण साध्वी को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अपना कार्य निकल जाने के बाद साध्वी को दूध में मक्खी की भांति निकाल देने के बाद साध्वी को भवानी का रूप धारण करना पड़ा। अब साध्वी धोखेबाज और गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले आचार्य महामण्डलेश्वर को पूरी तरह से सबक सिखाने का प्रण कर चुकी है। देखना यह कि अब ऊंट किस करवट बदलता है।

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