हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना ऑडी कार सवार तीन लोगों को महंगा पड़ गया। हरिद्वार पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी समेत तीन आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी लग्जरी ऑडी कार को सीज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानून की नजर में सभी समान हैं और किसी को भी नियमों की अवहेलना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस के अनुसार 14 जून को वीकेंड और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के चलते हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष डायवर्जन योजना लागू की गई थी। देशरक्षक तिराहे पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को निर्धारित मार्ग से बैरागी कैंप पार्किंग की ओर भेज रहे थे ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।
इसी दौरान ऑडी कार संख्या सीजी 08 एएम 0001 वहां पहुंची। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वाहन चालक को निर्धारित डायवर्जन मार्ग से जाने के लिए कहा, लेकिन कार में सवार दो पुरुष और एक महिला इस बात पर भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और धक्का-मुक्की तक कर डाली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों ने आरोपितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी और कथित रूप से धमकी देते हुए वहां से चले गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरिद्वार पुलिस हरकत में आई। मामले की जांच के बाद थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपितों की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए श्यामपुर क्षेत्र में वाहन को चिन्हित कर रोक लिया तथा ऑडी कार को सीज कर दिया।
पुलिस द्वारा जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें क्षतिज बाली, उनकी पत्नी तथा संकेत बाली, निवासी वाणी विहार, उत्तम नगर, नई दिल्ली शामिल हैं। सभी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की गयी।
पुलिस का कहना कि चाहे कोई आम नागरिक हो या लग्जरी वाहन में सफर करने वाला व्यक्ति, कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से अनिवार्य है। सोमवती अमावस्या जैसे बड़े स्नान पर्वों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


