देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। राज्य सरकार ने उनके निधन को उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए प्रदेशभर में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। शासन स्तर से जारी आदेशों के अनुसार राजकीय शोक अवधि के दौरान प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में सादगी बरती जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी राजनेता, कुशल प्रशासक और जनसेवक को खो दिया है। इसी सम्मान में राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित करते हुए सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने के निर्देश दिए हैं।
शासनादेश के अनुसार राजकीय शोक अवधि के दौरान प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके साथ ही सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी अवकाश घोषित किया गया है।
राज्यभर में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। देहरादून, पौड़ी, श्रीनगर, टिहरी, हरिद्वार और अन्य जिलों में शोक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी का सार्वजनिक जीवन हमेशा ईमानदारी, अनुशासन और जनहित के प्रति समर्पण का उदाहरण रहेगा। उनके कार्यकाल में शुरू की गई कई योजनाएं आज भी प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विशेष रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
राजकीय शोक के दौरान किसी भी प्रकार के सरकारी सांस्कृतिक एवं औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि शोक अवधि के दौरान सरकारी समारोहों में अनावश्यक उत्सव या सार्वजनिक आयोजन से बचा जाए।
उत्तराखंड की राजनीति में भुवन चंद्र खंडूरी का नाम एक मजबूत और अनुशासित नेतृत्व के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा घोषित तीन दिवसीय राजकीय शोक को प्रदेशवासियों द्वारा उनके प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है।


