हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी हो गई है। जानकारी के अनुसार, अखाड़े के भेख की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी माह के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएगी, जिसमें संतों के बीच बढ़ते विवाद और अखाड़े की खराब होती छवि पर विस्तार से चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में अखाड़े की गरिमा और परंपराओं को ठेस पहुंचाने वाले संतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया जा सकता है। यहां तक कि अनुशासनहीनता और आपसी विवाद में लिप्त संतों को भेख से बाहर करने जैसे सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से संतों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और विवादों की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे अखाड़े की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। यह स्थिति न केवल वर्तमान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि अखाड़े की पुरानी परंपराओं और पूर्वजों की छवि को भी प्रभावित कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक भेख के वरिष्ठ संतों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो अखाड़े की गरिमा को और अधिक क्षति हो सकती है। इसी कारण अब संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने और विवादों को समाप्त करने के लिए ठोस निर्णय लेने की दिशा में पहल की जा रही है।
बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे संत समाज और श्रद्धालुओं की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे अखाड़े के भविष्य और उसकी साख पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।


